कांकेर परिवहन अधिकारी के संरक्षण में हो रहा भ्रष्टाचार, कार्यवाही की मांग को लेकर सौपा ज्ञापन।

[email protected]कांकेर. आरटीओ कार्यालय कांकेर में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा लाइसेंस बनाने के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आ रहा हैं। परिवहन अधिकारी के संरक्षण में कार्यालय में आने वाले आवेदकों को जबरदस्ती फैल कर उनको एजेंटो के तरफ धकेला जा रहा है। आवेदकों ने कार्यालय में चल रहे एजेंटों के दबदबा और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।आवेदक एम जी वार्ड निवासी एस मिश्रा, आर भास्कर,शेखर,नरेन्द्र, विरेन्द्र ने बताया कि आरटीओ कार्यालय में इन दिनों एजेंटों का दबदबा है कोई भी कार्य के लिए आवेदक को एजेंट का सहारा लेना पड़ता है।

ऐसे होता है भ्रष्टाचार
लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों को जबरदस्ती एजेंटों के तरफ धकेला जाता है। इस कार्य में वहां के अन्य कर्मचारी भी सम्मिलित हैं जो एजेंटों से डील करवाते हैं। आवेदकों ने बताया कि कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस के लिए 360 रूपये का चालान जमा करना पड़ता है जिससे एक महिने बाद ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए 1000 तक का चालान जमा करना पड़ता है इस तरह से करीब 15 सौ रुपए में लाइसेंस की पूरी प्रक्रिया हो जाती है। लेकिन अधिकारी कर्मचारी द्वारा जानबूझकर लाइसेंस बनाने के दौरान अभ्यार्थियों को फेल कर बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर करते हैं जिससेे परेशान होकर आवेदक एजेंटों का सहारा लेते हैं। कार्यालय में जो काम 1500 रूपये में हो जाता है उस काम के लिए आवेदकों को 4 हजार रुपये तक एजेंटों को दिया जाता है। आवेदकों ने बताया कि एजेंटों के माध्यम से लाइसेंस बनवाने में न तो परीक्षा का झंझट रहता है और न ही फैल होने का डर। एक लाइसेंस बनवाने के लिए एजेंटो के द्वारा परिवहन अधिकारी के जेब में मोटी रकम भरा जाता है जिसके चलते कार्यालय में एजेंटों का दबदबा बना रहता है। आवेदकों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि परिवहन अधिकारी के संरक्षण में इस तरह से कार्यालय में खुले आम भ्रष्टाचार किया जा रहा है जिसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही किया जाए।

पखांजूर से बिप्लब कुण्डू के रिपोर्ट

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