14 जनवरी मकर संक्रान्ति पर आप सब को ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं

[email protected]राजनांदगांव. जिला भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्ष व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने मकर संक्रान्ति की बधाई देते हुए कहा कि 14 जनवरी पौष माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है, मकर संक्रांति की तिथि सूर्य देव की चाल तय करती है, जब सूर्य धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे मकर संक्रांति कहा जाता है, इस बार सूर्य के मकर राशि में गोचर का समय दो पंचागों में अलग-अलग है, बनारस के पंचांग में सूर्य के मकर राशि में गोचर का समय रात्रि में बताया गया है, जबकि प्रसिद्ध पंचाग ब्रजभूमि और मार्त्तण्ड पंचांग के अनुसार सूर्य का गोचर 14 जनवरी को दोपहर के समय हो रहा है, आइये ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानते हैं, कि इन प्रसिद्ध पंचाग के अनुसार मकर संक्रांति की उत्तम तिथि, स्नान-दान, पुण्यकाल और महापुण्य काल मुहूर्त ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि प्रसिद्ध पंचाग ब्रजभूमि और मार्त्तण्ड पंचांग के अनुसार सूर्य का गोचर 14 जनवरी को दोपहर 2 बजकर 13 मिनट पर हो रहा है, डॉ. मिश्र ने बताया कि सूर्य का मकर  राशि में प्रवेश सूर्यास्त से पहले ही हो रहा है, इसलिए मकर संक्रांति के लिए उत्तम तिथि 14 जनवरी ही है।
श्री वर्मा ने आगे कहा कि मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है, इस समय कोरोना की वजह से यात्रा करना सुरक्षित नहीं है, इसलिए मकर संक्रांति के दिन सुबह शुभ मुहूर्त में स्नान करें। ध्यान रखें स्नान से पहले पानी में काले तिल, हल्का गुड़ और गंगाजल मिला लें. नहाने के बाद साफ कपड़े पहन लें और तांबे के लोटे में पानी भर लें. इस पानी में काले तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प, अक्षत (चावल) डाल लें। फिर सूर्य देव के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य दें। सूर्य देव की पूजा के बाद शनि देव को काले तिल अर्पित करें।

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