सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाने की विस्तृत जानकारी देने हेतु नगर निगम दुर्ग द्वारा आयोजित की गई कार्यशाला:

[email protected]दुर्ग.अन्य पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति  के ऐसे व्यक्तियों, परिवारो जिनके पास सन् 1984 व 1950 के पूर्व के निवास संबंधी कोई अभिलेख उपलब्ध नही होने की दशा में जाति प्रमाण पत्र प्रदत्त करने में कठिनाई हो रही हो, ऐसे परिवारों सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाने अभिलेख के रूप में दुर्ग नगर निगम के द्वारा सामान्य सभा द्वारा संकल्प पारित कर उन परिवारों को अन्य पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति के सूची में शामिल करने का प्रावधान है। इससे इन परिवारों का  जाति प्रमाण पत्र बनने में आसान हो जाएगा। इस संबंध में आज दिन शनिवार को नगर पालिक निगम, दुर्ग द्वारा लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर.एन. वर्मा व सभापति राजेश यादव ने अपने-अपने विचार रखें। इस संबंध में शासन से प्राप्त निर्देश के परिपालन को निगम के सभी 60 वार्डों के उपस्थित पार्षदों व एल्डरमेंन व अन्य जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। अन्य पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति प्रमाण पत्र  बनाने प्राप्त निर्देशों को पढ़कर नोडल अधिकारी प्रकाश थवानी ने उपस्थित प्रतिनिधियों को अवगत कराया। इसके पश्चात् उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा उक्त परिपत्र के संबंध में विस्तृत जानकारियां भी चाही गई, उक्त विषय में विधायक अरूण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल व राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर.एन.वर्मा ने अपने मार्गदर्शन दिए। विधायक अरूण वोरा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति की श्रेणी में आने वाली विभिन्न जातियों को सन् 1984 एवं 1950 से पूर्व के अभिलेख नही होने पर शासन की योजनाओं का लाभ नही मिल रहा था,अब शासन के नये गाईड लाईन से उन परिवारों को जाति प्रमाण पत्र बनाने में लाभ मिलेगा। इस हेतु ऐसे परिवारों का कर्मचारियों द्वारा निवासरत् आस-पास के लोगों से विस्तृत ब्यौरा जुटाई  जाएगी तथा नगर निगम के द्वारा संकल्प पारित कर शासकीय अभिलेख में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। कार्यशाला को संबोधित करते हुए महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहां कि अब-तक पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति की श्रेणी में आने वाली विभिन्न जातियों को अभिलेख नही होने के कारण शासन की योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रहते थे, अब इन नियमों के आने से वैसे परिवारों के जाति प्रमाण पत्र बनाने में आसान होगी, इस दिशा में नगर निगम द्वारा बिना भेदभाव के ईमानदारी से कार्य करेगी। इससे लोगों को शासन की इस प्रक्रिया से सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र बनाने का लाभ मिल सके। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर.एन.वर्मा ने भी अपने संबोधन में कहां कि गणना के दौरान पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति-जनजाति श्रेणी में आने वाले परिवार व्यक्ति वहां निवासरत् नही है, ऐसी परिस्थिति में उन परिवारों की जानकारी आस-पास के लोगों से जुटाकर पटवारियों से पंचनामा करके, निगम के समान्यसभा में संकल्प पारित कर उनकी सूची को शामिल किये जाने का प्रावधान है। इस कार्यशाला में सभापति राजेश यादव,एम.आई.सी. सदस्य अब्दुल गनी, संजय कोहले, जयश्री जोशी, भोला महोबिया, मनदीप सिंह भाटिया, सत्यवती वर्मा, नेता प्रतिपक्ष अजय वर्मा, गायत्री साहू, काशीराम कोसरे, ज्ञानदास बंजारे मीना सिंग, भास्कर कुंडले, कविता ताण्डी, नजहत परवीन, बिजेंद्र भारद्वाज, खिलावन मटियारा, पुष्पा वर्मा, सतीश देवांगन, उषा ठाकुर, अजीत वैध, अमित देवांगन,चमेली साहू, कुमारी साहू सहित एल्डरमन रत्ना नामदेव, कृष्णा देवांगन, जगमोहन ढीमर, राजस्व अधिकारी नारायण यादव, प्रभारी योगेश सूरे सहित अन्य उपस्थित थे।

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