गुरु गौरव सम्मान : श्रावण पर्व पर हुआ रचनात्मकता के धनी गुरुजनों का सम्मान

 

 

 

[email protected]ख़ैरागढ़ शनिवार को श्री रुक्खड़ मंदिर परिसर में जारी श्रावण महोत्सव में शिक्षकों को गुरु गौरव सम्मान से नवाजा गया। सम्मान में आचार्य धर्मेंद्र दुबे और पुरोहित गुलशन तिवारी के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिक्षकों पर पुष्प वर्षा की गई। फिर बारी बारी से रामनामी गमछे उढ़ाकर,अभिनंदन पत्र सौंपकर सभी शिक्षकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्यअतिथि सूर्यपथ फाउंडेशन स्कूल दुर्ग के संचालक राजेश पवार ने कहा कि सनातन शिक्षा पद्धति में अध्यात्म और शिक्षा का गहरा नाता है। पहले गुरुकुल में रहकर ही बच्चे पढ़ाई करते थे। और हर विषय में पारंगत होते थे। संस्कृत माध्यम में पढ़कर वेद वेदांत से लेकर तमाम विषयों पर उनकी पकड़ होती थी। पवार ने कहा कि हमें पुनः उसी ओर लौटने की आवश्यकता है। हमारे वेदों और पुराणों में सबकुछ है इंजिनयरिंग से लेकर चिकित्सा शास्त्र तक। पवार की संस्था सूर्यपथ लगातार बच्चों आध्यमिक चेतना का संचार कर रही है। इनके स्कूल के वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर साझा हो रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकगण मौजूद रहे ।

 

 

महागुरु के दरबार में गुरुओं का अभिनंदन गौरवशाली – रामकुमार

 

 

स्वागत उद्बोधन में अध्यक्ष रामकुमार सिंह ने कहा कि महागुरु के दरबार में समस्त गुरुओं का अभिनंदन कर हम गौरवान्वित हैं। आप निरंतर शिक्षा जगत में उजियारा फैलाते रहे इसी उम्मीद और आशा के साथ यह अभिनंदन पत्र सौंप रहे हैं।

 

 

इन्होंने किया शिक्षकों का सम्मान

 

 

शिक्षकों का सम्मान सचिव अनुज गुप्ता,सहसचिव राजीव चंद्राकर,ठाकुर कमल सिंह,लाल अशोक सिंह,शिक्षिका पद्मिनी सिंह, किरण सिंह,प्रमिला गहरवार,शिक्षक धृतेंद्र सिंह,समाजसेवी सूरज देवांगन,योगगुरु गौतम सोनी,शिक्षक उमेंद पटेल,समाजसेवी उत्तम दशरिया,शिवम नामदेव,महंत प्रमोद गिरी,राजू सिंह,मदन सिंह,गायिका विभा सिंह राठौर सहित अन्य ने सम्मानित किया।

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