मवेशियों के मालिक है बेखबर,आमजन हो रहे है दुर्घटना का शिकार— (सड़को पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा)

[email protected]पखांजूर.पखांजूर मुख्यालय के पुराना बाजार बस स्टैंड,नेताजी चौक,नया बाजार अम्बेडकर चौक,बांदे रोड, पीव्ही 32 रोड, जैसे कई स्थल है जहाँ पर दिन व रात में अवारा मवेशियों को जमवाड़ा रहता है । यह कोई नई बात है , ऐसा नहीं । हर साल भर चाहे व बारिश व बारिश के बाद दिसंबर तक यह नजारा इन स्थानों पर देखने को मिल जाता है । नगर पंचायत पखांजूर प्रशासन ने कई बार कार्यवाही किया,परंतु आज तक इसका स्थायी हल नहीं निकल पाया है । सरकार ने रोका छेका अभियान चलाया , परंतु इसका भी बेहतर परिणाम सामने देखने को अभी तक नहीं मिला है । अवारा पशुओं में अधिकतम गाय ही है जो दिन व रात में स्टेट हाईवे पर डेरा जमाएं रहते है और कई बार गाय दुर्घटना की शिकार हुई है । गाय जब दुर्घटना की शिकार होती है तो उसके मालिक उसे पहचनाने से इनकार कर देते है और नही तो मुआबजा पाने के नशे में सामने आकर खड़े हो जाते है । गाय के मालिक इतने निर्दयी है कि उनकी रखवाली नहीं करते है और गाय के मरने पर उनके मालिक देखकर भी अनदेखा कर देते है लोभी मालिक तुरन्त आकर मुआबजा मांगते है , अंत में नगर पंचायत प्रशासन इन गाय को हटाता है । मवेशी मालिक इतने निर्दयी हो गए है कि उनके कान में जूँ तक नहीं रेग रहा है । अधिकतम सक्षम लोग है जिनकी गाय अवारा रूप में घूम रही है । हर साल आधा दर्जन गाय दुर्घटना की शिकार होती है । गाय के मौत का इन क्षेत्र का निकाला जाएं तो यह आंकड़ा बढ़ जाएगा । नगर पंचायत प्रशासन कई बार गाय को लेकर कांजी हाउस व गौठान में पहुँचाया है , इसके बाद भी गाय मालिक मवेशियों को सड़को पर छोड़ने के लिए बाज नहीं आते है । कई संगठन माँग कर चुके है कि गाय के मालिक का पंजीयन किया जाएं और उनकी नंबरिंग किया जाएं , जिसकी गाय अवारा घूमे , उसके मालिक पर कार्यवाही के लिए कानून में ऐसी धाराएं लाई जाएं , जिससे उनको जमानत न मिले और सीधे उनको सजा दी जाएं , तभी यह मवेशी मालिकों में सुधार आएगा । अन्यथा सरकार चाहे रोका छेका चलाएं या अन्य कोई योजना चलाएं , सुधार आने वाला नहीं है ।
रात के अंधेरे में राहगीरों को और दु पहिया वाहन चार पहिया वाहन चालक को परेशानियों का सामना करना पड़ता,क्यों कि अंधेरे होने के कारण दूर से मवेशियों को दिखाई नही देती दुर्घटना हो जाती है।आवारा पशु बीच सड़क पर सोये रहता है जितना भी हॉर्न बजाओ उठने का नाम नही लेती।ऐसे में नगर पंचायत को चाहिए कि सड़क पर घूमने वाले आवारा पशु को पकड़ कर कांजी हाउस या फिर गौठान में भेज दे जिससे कि दुर्घटना होने का संभावना नही रहेगा,इस संबंध में नगर पंचायत को जल्द से जल्द कार्यवाही करना चाहिए।

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